Saturday, April 17, 2021
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संकटग्रस्त जहाज को बचाने वाले दयालु बालक की प्रेरणादायक कहानी

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कई वर्ष हुए, जाड़ेके दिनों में समुद्र के किनारे एक गाँव में शोर कि 'एक जहाज थोड़ी दूरपर कीचड़में फँस गया है और हुआ...

रेलगाड़ी को बचाने में प्राण देने वाले बालक की प्रेरणादायक कहानी

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एक आदमी रेलवे में नदी के ऊपर पुलके चौकीदारका काम करता था। उसका एक चौदह वर्ष का लड़का भी उसीके साथ रहता था। एक...
Shri Rama

मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के गुण और चरित्र हिंदी में

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मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के गुण और चरित्र जिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र जी के नाम, रूप, गुण, लीला, प्रेम और प्रभावकी अमृतमयी कथाओंका...

एक बड़े देश की रानी और एक अनाथ बच्चे की दयाभरी...

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एक बड़े देशकी रानीको बच्चोंपर बड़ा प्रेम था । वह अनाथ बालकोंको अपने खर्चसे पालती-पोसती। उसने यह आदेश दे रखा था कि 'कोई भी...

गुजरात के दयालु मूलराज की 900 साल पुरानी कहानी हिंदी में

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लगभग नौ सौ वर्ष पहलेकी बात है, राजा भीमदेव गुजरात में राज्य करते थे। उनके एक लड़का था। नाम था मूलराज । लड़का होनहार...
Buddha Flowers Margaritas Figurine  - AMDUMA / Pixabay

भगवान बुद्ध के बचपन की हंस की कहानी हिंदी में

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बुद्ध भगवान का बचपन का नाम सिद्धार्थ कुमार है । महाराज शुद्धोधन उनके लिये एक अलग बहुत बड़ा बगीचा लगवा दिया था। उसी बगीचे में...
Abraham Lincoln Monument  - Stephen494 / Pixabay

अब्राहम लिंकन की दयालुता और शराबी की सच्ची कहानी हिंदी में

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अब्राहम लिंकन की दयालुता एक दिन अब्राहम लिंकन अपने मित्रों के साथ शामको टहलकर घर लौट रहे । उन्होंने देखा कि सामनेसे एक घोड़ा आ...

शतमन्यु की प्रेरणादायक कहानी हिंदी में

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सतयुग की बात है। एक बार देशमें दुर्भिक्ष पड़ा। वर्षा के अभावसे अन्न नहीं हुआ। पशुओंके लिये चारा नहीं रहा। दूसरे वर्षा भी वर्षा...
Murti India Travel Asia Holy Cow  - Devanath / Pixabay

भैरवरूप शिव स्तुति, भैरवरूप शिव वंदना भावार्थ सहित राग धनाश्री

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भैरव रूप शिव-स्तुति देव,भीषणाकार, भैरव, भयंकर, भूत-प्रेत-प्रमथाधिपति, विपति-हर्ता । मोह-मूषक-मार्जार, संसार-भय-हरण, तारण-तरण, अभय कर्ता ॥१॥ अतुल बल, विपुल विस्तार, विग्रह गौर, अमल अति धवल धरणीधराभं...
Lord Shiva Hindu Universe Shiva  - igp07 / Pixabay

[राग धनाश्री] शिव स्तुति शिव वंदना भावार्थ सहित

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दानी कहुँ संकर-सम नाहीं।दीन-दयालु दिबोई भावै, जाचक सदा सोहाहीं ॥१ ॥मारिकै मार थप्यौ जगमें, जाकी प्रथम रेख भट माहीं।ता ठाकुर को रीझि निवाजिबौ, कह्यौ...